9 इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी, जिन्हें आपको पता होना चाहिए

इंट्राडे ट्रेडिंग में एक ही दिन स्टॉक खरीदना और बेचना शामिल है.

सारांश:

कुछ प्रमुख इंट्राडे ट्रेडिंग रणनीतियां हैं:

  • कीमतों को प्रभावित किए बिना आसान खरीद और बिक्री सुनिश्चित करने के लिए उच्च ट्रेडिंग वॉल्यूम वाले स्टॉक का विकल्प चुनें.

  • ट्रेडिंग के दौरान तुरंत या घबराकर निर्णय लेने से बचने के लिए यह तय कर लें कि किस कीमत पर एंट्री और एक्जिट करना है.

  • लालच नहीं करें; जब आपका टार्गेट पूरा हो जाए, तो प्रॉफिट बुक करके अपनी पोजीशन क्लोज़ कर दें.

ओवरव्यू

इंट्राडे ट्रेडिंग का मतलब होता है, एक ही दिन में स्टॉक या अन्य फाइनेंशियल एसेट को खरीदना और बेचना. ट्रेडर का लक्ष्य होता है पूरे दिन के दौरान कीमतों के उतार-चढ़ाव से प्रॉफिट बुक करना और ट्रेडिंग का समय खत्म होने पर सभी ट्रेड पोजीशन को बंद करना. इंट्राडे ट्रेडर के तौर पर, फिर चाहे आप अनुभवी ट्रेडर हों या फिर इस फ़ील्ड में नए हों, आपको अस्थिरता का अनुभव होता है, जो अक्सर लॉन्ग-टर्म वाले निवेशकों को नहीं होता. चूंकि आपको एक ही दिन में ट्रांज़ैक्शन को पूरा करना होता है, इसलिए आपको अधिक जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, इंट्राडे ट्रेडर के तौर पर आप सही जानकारी और स्ट्रेटेजी के साथ उच्च रिटर्न भी प्राप्त कर सकते हैं. 

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप इसकी शुरुआत पूरी जानकारी के साथ करें, आपके लिए यहां इंट्राडे ट्रेडिंग गाइड दी गई है, जिसमें स्ट्रेटेजी से जुड़े कुछ सुझाव और प्रैक्टिकल टिप्स भी हैं.

सर्वश्रेष्ठ इंट्राडे ट्रेडिंग रणनीतियां

1. लिक्विड स्टॉक चुनना

स्टॉक मार्केट में, "लिक्विड" का मतलब होता है कि किसी एसेट या सिक्योरिटी के पर्याप्त ट्रेडिंग वॉल्यूम के चलते और उसकी कीमत पर ज़्यादा असर डाले बिना उसे कितनी आसानी से खरीदा या बेचा जा सकता है. इंट्राडे ट्रेडिंग प्रैक्टिस से मार्केट में बहुत लिक्विडिटी आती है. लार्ज-कैप स्टॉक में ट्रेडिंग करने पर ध्यान दें और खराब फंडामेंटल वाले और ऐसे पेनी स्टॉक में ट्रेड करने से बचें, जिनका पिछला परफॉर्मेंस औसत से कम रहा हो.

इसके अलावा, केवल एक ही स्टॉक में इंट्राडे ट्रेडिंग करने से बचें और एक से अधिक स्टॉक में ट्रेड करके अपनी पोजीशन को डाइवर्सिफाय करने का लक्ष्य रखें. इस प्रकार के डाइवर्सिफिकेशन से आपको इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी को बैलेंस करने और जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है.

2. फ्रीज़िंग एंट्री और एक्जिट प्राइस

इंट्राडे ट्रेडिंग करते समय, कई ट्रेडर अक्सर सामान्य गलतियां कर बैठते हैं और स्टॉक खरीदने के तुरंत बाद ही उनकी कीमत में थोड़ा-भी उतार-चढ़ाव आने पर अपने निर्णय पर संदेह करने लगते हैं. खरीदार यह मानने लगते हैं कि उन्होंने अच्छे स्टॉक नहीं चुने हैं और इसी ही सोच या चिंता के कारण वे जल्दबाज़ी में गलत निर्णय ले लेते हैं.

आप एक ट्रेडर के तौर पर इस भ्रांति से बच सकते हैं, इसके लिए आपको बस ट्रांज़ैक्शन शुरू करने से पहले एंट्री और एक्जिट की कीमत निर्धारित करके ट्रेड करना चाहिए. कीमतों को पहले से निर्धारित कर लेने से आप अपने उद्देश्य पर टिके रहते हैं और अनावश्यक संदेह करने से बच सकते हैं. 

3. स्टॉप-लॉस लेवल सेट करें

जब आप इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं, तो आपका चुना हुआ स्टॉक बढ़ने के बजाय गिर भी सकता है. ऐसे मामलों में, मुख्य प्रश्न यह है कि स्टॉक बेचने से पहले आप उसकी कीमत को कितना कम होने दे सकते हैं. यह तय करना भी महत्वपूर्ण होता है कि आप किस कीमत पर ट्रेड से एग्जिट करेंगे. इससे आपके नुकसान को कम करने और आपको सुरक्षा देने में मदद मिल सकती है. 

ट्रेडिंग की शुरुआत करने वाले लोगों के लिए, 3:1 रेशियो का सुझाव अच्छा होता है. प्रॉफिट बुक करने के लिए आपने जो कीमत तय की है, उससे तीन गुना कम कीमत पर अपना स्टॉप-लॉस सेट करने के लिए आप इस सुझाव का उपयोग कर सकते हैं.

4. अपना टार्गेट प्राप्त करने पर प्रॉफिट बुक करना

इंट्राडे ट्रेडिंग में ऑफर किए जाने वाले लेवरेज और मार्जिन से ट्रेडर आकर्षित होते हैं. इंट्राडे ट्रेडिंग में आप बहुत उच्च रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं. हालांकि, यह याद रखना भी ज़रूरी है कि अपना प्रॉफिट बुक करने के बाद आपको ट्रांज़ैक्शन से एग्जिट करना है और लालच नहीं करना है. 

अगर आपके पास यह मानने का कोई ठोस कारण नहीं है कि स्टॉक की कीमत बढ़ेगी ही, तो अपना टार्गेट पूरा होते ही ट्रेड से एग्जिट करना बेहतर होता है.  

5. अपनी ओपन पोजीशन बंद करें

इंट्राडे की सबसे बेहतर स्ट्रेटेजी में से एक है अपनी सभी ओपन पोजीशन को क्लोज़ कर देना, इसका मतलब है कि अपने ट्रांज़ैक्शन को पूरा कर लेना. अक्सर, जब स्टॉक, टार्गेट की तय कीमत तक नहीं पहुंच पाते हैं, तो ट्रेडर अपने शेयर बेचने का विकल्प चुनते हैं. ट्रांज़ैक्शन अगले दिन फिर होता है, इस उम्मीद में कि वह अपने टार्गेट तक पहुंच जाएगा.

हालांकि, हो सकता है कि ट्रेडिंग प्रैक्टिस में बदलाव करना समझदारी भरा निर्णय न हो. आपने इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए चुनिंदा स्टॉक खरीदे हैं, इसलिए हो सकता है कि वे डिलीवरी ट्रेडिंग के हिसाब से आपका मनचाहा परिणाम न दें. इसलिए, स्टॉक के बारे में पूरी जानकारी रखें और फिर उसके आधार पर लॉन्ग-टर्म निवेश का विकल्प चुनें. 

6. मार्केट को चुनौती न दें

स्टॉक मार्केट का अनुमान लगाना बेहद कठिन काम होता है. आप अक्सर अपने मार्केट एनालिसिस के आधार पर उस इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी के बारे में निर्णय लेंगे, जिसे आप आज़माना चाहते हैं. हालांकि, जब आप ट्रेडिंग शुरू करते हैं, तो मार्केट विपरीत दिशा में भी जा सकता है. 

ऐसे में आपको मार्केट को चुनौती देने से बचना चाहिए और अपने एनालिसिस को लेकर अडिग रहने से बचना चाहिए. स्टॉप-लॉस लेवल तक पहुंचने के बाद अपने स्टॉक को बेचना ही बेहतर विकल्प होता है. 

7. अच्छी तरह से रिसर्च करें

जब आप उन स्टॉक की पहचान कर लें, जिनमें आप ट्रेड करना चाहते हैं, तो उनसे जुड़ी कंपनियों के बारे में रिसर्च ज़रूर कर लें. कंपनी के बारे में पढ़ लेने से आपको यह समझने में मदद मिल सकती है कि मार्केट की स्थितियां स्टॉक को कैसे प्रभावित कर सकती हैं. आपको कंपनी के मर्जर, अधिग्रहण, डिविडेंड के भुगतान आदि जैसे सभी ईवेंट के बारे में भी अच्छे से जान लेना चाहिए. इन ईवेंट की जानकारी रखने से आप अपडेट रह सकते हैं और आपको अपनी टाइमिंग को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. 

8. समय

अपने इंट्राडे ट्रेडिंग के ट्रांज़ैक्शन को सही समय पूरा करना बेहद महत्वपूर्ण है. कई ट्रेडर यह सुझाव देते हैं कि ट्रेडिंग शुरू होने के बाद एक घंटे तक पोजीशन लेने से बचना चाहिए. पहले घंटे में बहुत ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, इसलिए कई ट्रेडर दोपहर के बाद ही अपनी ट्रेडिंग पोजीशन लेते हैं. 

9. सही प्लेटफॉर्म चुनें

इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए प्लेटफॉर्म चुनना बहुत महत्वपूर्ण है. एच डी एफ सी सिक्योरिटीज़ एक इंट्राडे प्लेटफॉर्म प्रदान करती है जो आपको ऑनलाइन, ऐप के माध्यम से या कॉल के माध्यम से ट्रेड करने की अनुमति देता है. यह अच्छी तरह से क्वालिफाइड एनालिस्ट को नियुक्त करता है और सही स्टॉक चुनने में आपकी मदद करने के लिए दैनिक टिप्स प्रदान करता है. यह प्लेटफॉर्म न्यूनतम लागत पर आपका वन-स्टॉप ट्रेडिंग समाधान हो सकता है. यहां क्लिक करके एच डी एफ सी सिक्योरिटीज़ पर इंट्राडे ट्रेडिंग सुविधाओं के बारे में जानें.

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​​​​​​​नियम व शर्तें लागू. एच डी एफ सी बैंक और एच डी एफ सी सिक्योरिटीज़ की तरफ से मिलने वाली इस जानकारी को निवेश के लिए सुझाव नहीं माना जाना चाहिए. सिक्योरिटीज़ मार्केट में निवेश मार्केट जोखिमों के अधीन हैं; निवेश करने से पहले सभी संबंधित डॉक्यूमेंट को ध्यान से पढ़ें. 

सामान्य प्रश्न

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