पार्ट टाइम चेयरमैन

श्री अतनु चक्रवर्ती

श्री अतनु चक्रवर्ती की उम्र 65 वर्ष है और उन्होंने गुजरात कैडर में इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) के सदस्य के रूप में 35 वर्षों की अवधि तक भारत सरकार की सेवा की. श्री चक्रवर्ती NIT कुरुक्षेत्र से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट है. उन्होंने बिज़नेस फाइनेंस में डिप्लोमा (ICFAI,, हैदराबाद) और यूके के हल यूनिवर्सिटी से बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है.  

श्री चक्रवर्ती ने मुख्य रूप से फाइनेंस और इकोनॉमिक पॉलिसी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पेट्रोलियम और नेचुरल गैस के क्षेत्रों में काम किया है. केंद्र सरकार में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया, जिनमें वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस (डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स) में GOI के सचिव के रूप में काम करना शामिल है. सचिव (DEA) के रूप में, उन्होंने सभी मंत्रालयों/विभागों के लिए इकोनॉमिक पॉलिसी निर्माण का समन्वय किया और GOI के बजट निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का संचालन किया, जिसमें संसद में उसका पारित होना भी शामिल था. वे फाइनेंशियल मैनेजमेंट पॉलिसी, पब्लिक डेट मैनेजमेंट के लिए पॉलिसी और फाइनेंशियल मार्केट के विकास और मैनेजमेंट के लिए उत्तरदायी थे. इसके आलावा, उन्होंने फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और करेंसी, घरेलू और विदेश संबंधित मुद्दों को भी संभाला. उन्होंने बहुपक्षीय और द्विपक्षीय फाइनेंशियल संस्थानों के साथ फंड के प्रवाह को मैनेज किया और उनके साथ कई इंटरफेस स्थापित किए. उन्होंने एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टास्क फोर्स का भी नेतृत्व किया, जिसने जिसने नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) का निर्माण किया. उन्होंने केंद्र सरकार के डिसइन्वेस्टमेंट (DIPAM) के सचिव के तौर पर भी काम किया है, जहां वे सरकारी कंपनियों में भारत सरकार की हिस्सेदारी के डिसइन्वेस्टमेंट की पॉलिसी और प्रोसेस, दोनों के लिए ज़िम्मेदार थे.  

2002-07 की अवधि के दौरान, श्री चक्रवर्ती ने मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस (डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर) में डायरेक्टर और आगे चलकर ज्वाइंट सेक्रेटरी के रूप में काम किया. इस अवधि में, उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में परियोजनाओं का मूल्यांकन किया और GOI की सब्सिडी योजनाओं को भी संभाला. उन्होंने सरकार के फाइनेंशियल और प्रोक्योरमेंट नियमों को भी अपडेट और आधुनिक बनाया था. श्री चक्रवर्ती ने गुजरात राज्य सरकार में भी कई कई भूमिकाएं निभाई, जिनमें फाइनेंस डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी के रूप में उसका नेतृत्व करना शामिल है. उन्होंने राज्य में प्राइवेट सेक्टर में इन्वेस्टमेंट से संबंधित विधेयक को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाई थी. राज्य सरकार में रहते हुए उन्होंने पब्लिक गवर्नेंस और डेवलपमेंट कार्यों, दोनों क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर काम किया है.  

श्री चक्रवर्ती ने वर्ल्ड बैंक के बोर्ड में ऑल्टरनेट गवर्नर के रूप में और RBI के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी सेवा दी है. वे नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड (एनआईआईएफ) के चेयरमैन थे और कई सूचीबद्ध कंपनियों के बोर्ड में भी थे. श्री चक्रवर्ती जीएसपीसी ग्रुप ऑफ कंपनियों के सीईओ/एमडी थे और साथ ही गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड के सीईओ थे. श्री चक्रवर्ती ने पब्लिक फाइनेंस, इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर में रिस्क शेयरिंग के क्षेत्रों में प्रतिष्ठित जर्नल में लेख प्रकाशित किए थे.  

श्री चक्रवर्ती किसी अन्य कंपनी या बॉडी कॉर्पोरेट में डायरेक्टरशिप या फुल-टाइम पोजीशन नहीं रखते हैं.